एक नजर में एसईडीपी
विद्यालय परिसर के विकास और शैक्षिक सुधार के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गनेशपुर ग्रिंट शिक्षा क्षेत्र इटियाथोक जिला गोंडा के शिक्षकों ने आपसी सामन्जस्य से एक कार्यक्रम शुरू किया। इसे विद्यालय शिक्षा विकास कार्यक्रम नाम दिया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल शैक्षिक गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों का संपूर्ण विकास करना निहित किया गया है, बल्कि विद्यालय की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए शासकीय बजट की निर्भरता को समाप्त करना भी तय हुआ। इसके तहत विद्यालय के तीनों शिक्षकों ने तय किया कि प्रत्येक माह वेतन आते ही 500 रुपए पांच सौर रुपए प्रत्येक शिक्षक इस कार्यक्रम के लिए जमा करेगा। इस राशि से विद्यालय की जरूरतों को पूरा किया जाएगा।
इस कार्यक्रम की रूपरेखा का निर्माण विद्यालय के सहायक अध्यापक विज्ञान विकास द्वारा किया गया। इसके निर्माण में निर्देशक का दायित्व प्रधानाध्यापक शिवराज ने निभाया तो वहीं सहायक अध्यापक गणित सूर्यकांत ने अतुलनीय सहयोग प्रदान करके रूपरेखा को अंतिम रूप दिया। इस कार्यक्रम से विद्यालय के कार्यालय की साजसज्जा और खेल सामग्री उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके साथ ही विद्यालय में सौर पैनल, एंप्लीफायर, प्रार्थना के लिए पियानों , पौधारोपण, छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए नए तरीके से मैटिंग उपलब्ध कराई गई है। विद्यालय में आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना भी इसी प्रोजेक्ट के तहत करने का प्रयास किया जा रहा है। 02 अक्टूबर 2016 से लागू हुआ यह प्रोजेक्ट प्रायोगिक रूप से सफल साबित हुआ है।
विद्यालय परिसर के विकास और शैक्षिक सुधार के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गनेशपुर ग्रिंट शिक्षा क्षेत्र इटियाथोक जिला गोंडा के शिक्षकों द्वारा 2 अक्टूबर 2016 को इस कार्यक्रम का क्रियांवयन शैक्षिक कार्ययोजना के तहत किया। विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक में इस प्रोग्राम का मसौदा रखा गया। इसे सराहते हुए सभी सदस्यों ने एकमत होकर इसे पूर्व माध्यमिक विद्यालय में लागू कराने की मंशा जताई। इसी तरह से प्राथमिक विद्यालय की प्रबंध समिति ने भी इसे अपने विद्यालय में लागू किया।
लगातार चार महीनों तक इस प्रोग्राम के तहत होने वाले क्रियाकलापों से शिक्षा के सुधार और बच्चों ने विद्यालय के प्रति रुचि बढ़ने का आंकलन किया गया। इसमें बच्चों की नियमित उपस्थिति अच्छी हुई और बच्चे अब रुचि लेकर अध्ययन कार्य करते हैं। बच्चों ने स्वयं की स्वच्छता, विद्यालय की स्वच्छता, अनुशासन आदि में पहले की अपेक्षा काफी सुधार हुआ है। इसलिए दोनों विद्यालयों की प्रबंध समितियों ने कार्यक्रम को हमेशा ही संचालित करते रहने पर बल दिया और साथ ही इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट से आसपास के विद्यालयों को जोड़ने का प्रस्ताव भी रखा।
चूंकि इस प्रोजेक्ट के तहत 4 महीनों में काफी सुधार शिक्षा और विद्यालय में देखने को मिले हैं, इसलिए आपसे भी निवेदन है कि अपने विद्यालय में इस प्रोजेक्ट को प्रायोगिक रूप में लागू करें और उसके परिणामों से प्रतिमाह अवगत कराने का कष्ट करें।
शिवराज
प्रधानाध्यापक पूर्व माध्यमिक विद्यालय गनेशपुर ग्रिंट
एवं मुख्य मार्गदर्शक
एसईडीपी प्रोग्राम
विकास पचौरी
सहायक अध्यापक (विज्ञान) एवं
प्रोजेक्ट हेड एसईडीपी
मो.-9479908070
9407060850
सूर्यकांत द्विवेदी
सहायक अध्यापक
(गणित)
मुख्य निर्माण सहायक
एसईडीपी
मो. 9621165881